Home » जब चुनाव बेमानी हो तो ट्रेड एसोसिएशन द्वारा व्यापारियों की चिंता है ढकोसला:

जब चुनाव बेमानी हो तो ट्रेड एसोसिएशन द्वारा व्यापारियों की चिंता है ढकोसला:

by Gurdeep Singh

अशोक बुवानीवाला-ट्रेड एसोसिएशन दिल्ली के अध्यक्ष द्वारा कांग्रेस की रैली रद्द करने की मांग राजनीति से प्रेरितचंडीगढ़, 27 अक्टूबर 2026:कांग्रेस की एक नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली को दिल्ली की ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष द्वारा रद्द करने की मांग को राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के समर्थन से चल रही ट्रेड एसोसिएशन को सरकार द्वारा व्यापारियों के खिलाफ लागू किए गए नियम, कानून नजर नहीं आते। उन्हें यह नजर नहीं आता कि भाजपा सरकार में मंत्री देशभर में रोड शो करने निकलेंगे, उससे भी व्यापार प्रभावित होगा। बीजेपी सरकार के मंत्रियों के रोड शो भी दिवाली से पहले ही होने हैं।  अशोक बुवानीवाला ने कहा कि जब चुनाव ही बेमानी हो गए हों और फैसले व्यापारी या कुटीर उद्योग के पक्ष में हो ही नहीं रहे हों तो इस तरह के संगठनों का व्यापारियों की चिंता करना महज दिखावा है। बुवानीवाला ने कहा कि पिछले बारह साल में बीजेपी की नीतियों ने देश के छोटे व्यापारी, खुदरा व्यापारी और कुटीर उद्योग को पूरी तरह तबाह कर दिया है। नोटबंदी से लेकर जीएसटी की जटिल प्रक्रिया और ऑनलाइन कंपनियों को खुली छूट ने छोटे व मझौले कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। आज दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे देश का व्यापारी कर्ज, महंगे लाइसेंस और इंस्पेक्टर राज से परेशान है, लेकिन सत्ता पोषित ट्रेड एसोसिएशन को यह सब दिखाई नहीं देता।कार्यकारी अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने कहा कि जब मोदी मंत्रिमंडल के मंत्री त्योहारों के सीजन में देश के बड़े शहरों में रोड शो करने की तैयारी में हैं। उससे छोटे बाजारों में जाम, दुकानें बंद होने और ग्राहकों को परेशानी होगी। इस पर यह तथाकथित व्यापारी संगठन चुप क्यों है। जहां बीजेपी के रोड शो होने हैं, वहां के व्यापारियों के विषय में भी बीजेपी समर्थित संगठन को सोचना चाहिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने कहा कि दिल्ली के व्यापारी भारी-भरकम चालान, जीएसटी के नोटिस और बढ़े हुए बिजली के बिलों से जूझ रहे हैं। इस पर कोई ठोस बात करने के बजाय बीजेपी के समर्थन वाला व्यापारी संगठन कांग्रेस की रैली को रद्द कराने चला है। अशोक बुवानीवाला ने कहा कि व्यापारी को अब समझना होगा कि कौन उनके हक की लड़ाई लड़ रहा है और कौन सिर्फ बीजेपी के इशारे पर उनके नाम का इस्तेमाल कर रहा है। अशोक बुवानीवाला ने कहा कि चुनाव बेमानी होने का मतलब है कि व्यापारी की आवाज सुनी ही नहीं जा रही। उन्होंने कहा कि लघु एवं कुटीर उद्योगों के लिए बेहतर नीतियां बनाने, जीएसटी के सरलीकरण के लिए विपक्षी दलों का मजबूत होना जरूरी है।

You may also like

Leave a Comment