Haryana सरकारी सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में: राज्यपाल by Bhumi April 9, 2026 written by Bhumi April 9, 2026 4 हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि निर्धारित समय अवधि में आमजन तक सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाने में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो कि हम सबके लिए गर्व की बात है। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने यह बात आज लोक भवन हरियाणा में हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट के विमोचन अवसर पर कही। उन्होंने सरकार द्वारा लागू ‘ऑटो अपील सिस्टम’ की भी सराहना की, जिसके कारण निर्धारित समय अवधि गुजरते ही आवेदन स्वचालित रूप से अपील में बदल जाता है और समाधान के लिए उच्च अधिकारियों की जानकारी में पहुंच जाता है। प्रो. असीम कुमार घोष ने आयोग, राज्य सरकार तथा इस प्रयास से जुड़े सभी अधिकारियों को सार्वजनिक सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता के लिए बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि शासन केवल प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे वास्तविक परिणामों पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि केवल फाइल का आगे बढ़ना कार्य की पूर्णता नहीं माना जा सकता, जब तक कि शिकायत का समाधान तार्किक निष्कर्ष तक न पहुंचे। राज्यपाल ने यह भी रेखांकित किया कि शिकायत निवारण लोकतंत्र का एक प्रमुख स्तंभ है, जहां प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध और सार्थक उत्तर मिलना चाहिए, और जहां प्रौद्योगिकी एवं सुशासन मिलकर सार्वजनिक सेवा के सशक्त माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि प्रभावी शासन पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवा वितरण पर आधारित होता है। हरियाणा राइट टू सर्विस ढांचा इन सिद्धांतों को सुव्यवस्थित रूप में एक साथ लाता है। निर्धारित समय सीमा, प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय करना तथा विलंब की स्थिति में स्वतः अपील की व्यवस्था—ये सभी सेवा वितरण को सुनियोजित और अधिकार-आधारित प्रक्रिया बनाते हैं। प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा ने एक सशक्त और उत्तरदायी प्रणाली विकसित की है, जिसे अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से ऑटो अपील सिस्टम के माध्यम से प्रौद्योगिकी का उपयोग प्रशासनिक निगरानी को मजबूत बनाता है और सेवा वितरण को अधिक सुसंगत एवं मापनीय बनाता है। इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासनिक प्रयासों की सराहना की। राजेश खुल्लर ने नागरिक सेवा को बताया सुशासन का मूल मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था की सफलता का वास्तविक मापदंड यह है कि आम नागरिक को उसकी सेवा निर्धारित समय सीमा में, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि नागरिक सेवा ही सुशासन का मूल दर्शन है, जिसे आयोग ने हरियाणा में और अधिक सशक्त बनाया है। आयोग की सतत निगरानी, जवाबदेही की व्यवस्था और समयबद्ध सेवा वितरण के कारण विभागों की कार्यसंस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रकरणों को केवल आगे बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाकर नागरिक को वास्तविक राहत देना ही लोकसेवा का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति हमें “सेवा ही परम धर्म” का संदेश देती है और यही भावना आयोग के कार्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। आयोग ने तकनीक, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को साथ जोड़कर नागरिक सेवाओं को अधिक सरल, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया है। इससे न केवल नागरिकों का शासन पर विश्वास बढ़ा है, बल्कि विभागों में सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता और दक्षता भी मजबूत हुई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आयोग की यह कार्यशैली भविष्य में सुशासन के और भी उच्च मानक स्थापित करेगी तथा प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध सेवा का उसका अधिकार सुनिश्चित करेगी। आयोग बना आम नागरिक के भरोसे का सशक्त माध्यम : अनुराग रस्तोगी इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने बताया कि आज से लगभग 10–15 वर्ष पहले यदि किसी नागरिक ने सरकारी सेवा के लिए आवेदन किया होता, तो उसे यह भी पता नहीं चल पाता था कि उसकी फाइल किस स्तर पर लंबित है और उसे सेवा कब मिलेगी। कई बार तो आवेदन की स्थिति जानना भी मुश्किल होता था। लेकिन हरियाणा में राइट टू सर्विस (RTS) व्यवस्था लागू होने के बाद यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। आज नागरिकों को न केवल तय समय सीमा में सेवाएं मिल रही हैं, बल्कि एक सरल पोर्टल और पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से वे अपने आवेदन की हर चरण की स्थिति भी आसानी से जान सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन स्वतः नहीं आया, बल्कि इसके पीछे वर्षों की संस्थागत मेहनत, जवाबदेही और मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति है। हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने इस दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। लाखों शिकायतों और आवेदनों के निस्तारण के आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि यह आयोग आम नागरिक के भरोसे का सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि टी.सी. गुप्ता के नेतृत्व में आयोग ने जो कार्य किया है, वह वास्तव में सुशासन और प्रशासनिक सुधार का एक प्रभावशाली मॉडल बनकर सामने आया है। टी.सी. गुप्ता ने गिनाईं 12 वर्षों की उपलब्धियां इस अवसर पर हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टी.सी. गुप्ता ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में आयोग ने नागरिक सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी के क्षेत्र में एक मजबूत और विश्वसनीय व्यवस्था स्थापित की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में आयोग की स्थापना के समय अपील प्रक्रिया पूरी तरह मैनुअल थी, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक जटिलताओं का सामना करना पड़ता था। इसी चुनौती को दूर करने के लिए आयोग ने ऑटो अपील सिस्टम (AAS) जैसी अभिनव व्यवस्था विकसित की, जो आज सुशासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 56 विभागों एवं संगठनों की 802 अधिसूचित सेवाएं इस व्यवस्था से जुड़ी हुई हैं। अब तक 27,43,481 अपीलों एवं रिवीजनों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 26,98,634 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। लगभग 98.4 प्रतिशत निपटान दर आयोग की प्रभावी कार्यप्रणाली, तकनीक आधारित प्रशासन और नागरिक हित के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत अधिसूचित सभी व्यवस्थाओं को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों सेवाएं, लाभ और शिकायत निवारण में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि आय, जाति, निवासी, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, बिजली, जलापूर्ति, सीवरेज, प्रॉपर्टी आईडी, चरित्र प्रमाण पत्र तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाओं में यह व्यवस्था लाखों नागरिकों के लिए राहत और सुविधा का माध्यम बनी है। वार्षिक रिपोर्ट के विमोचन अवसर पर उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आयोग भविष्य में भी तकनीक आधारित पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध सेवा वितरण के माध्यम से नागरिकों के विश्वास को और मजबूत करेगा। समारोह के दौरान समयबद्ध सेवा वितरण, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा ऑटो अपील सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों को भी सम्मानित किया गया। इनमें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री चंद्रशेखर खरे, फरीदाबाद नगर निगम के आयुक्त श्री धीरेंद्र खड़गटा, डीएचबीवीएन, हिसार के कार्यकारी अभियंता श्री होशियार सिंह, पीएचईडी, नारायणगढ़ के कार्यकारी अभियंता श्री अनिल कुमार चौहान, एनआईसी की सिस्टम एनालिस्ट सुश्री अंशु सेठी, तथा एनआईसी के सॉफ्टवेयर डेवलपर श्री प्रशांत कुमार शामिल हैं। इस अवसर पर लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष,डॉ. सुमिता मिश्रा, श्री विनीत गर्ग, श्रीमती जी. अनुपमा, श्री ए.के. सिंह, श्री अरुण कुमार गुप्ता, श्री अनुराग अग्रवाल, श्री विजयेन्द्र कुमार तथा श्री अमनीत पी. कुमार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। 0 comments 0 FacebookTwitterPinterestEmail Bhumi previous post हरियाणा रेशनलाइजेशन कमीशन ने एचएसएससी पुनर्गठन पर 27वीं रिपोर्ट सौंपी next post हरियाणा अग्निवीर नीति–2024 को मंजूरी, सैनिक व अर्धसैनिक कल्याण निगम खुलेगा You may also like हरियाणा सरकार ने 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