Himachal Pradesh हरियाणा में अपशिष्ट प्रबंधन को नई मजबूती, 53 यूएलबी में वैज्ञानिक प्रसंस्करण शुरू by Bhumi April 9, 2026 written by Bhumi April 9, 2026 174FacebookTwitterPinterestEmail हरियाणा निरंतर वैज्ञानिक और सतत अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के 53 शहरी स्थानीय निकायों में कम्पोस्टिंग के माध्यम से वैज्ञानिक ढंग से अपशिष्ट प्रसंस्करण शुरू हो चुका है और इससे तैयार उत्पाद का उपयोग कृषि एवं बागवानी कार्यों में प्रभावी रूप से किया जा रहा है। सोनीपत में एक वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र संचालित हो रहा है, जबकि अन्य क्षेत्रों में प्रसंस्करण सुविधाओं के विस्तार का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुपालन को लेकर राज्य में प्रगति की समीक्षा की। उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने ट्रिब्यूनल द्वारा पहले की गई टिप्पणियों की भी समीक्षा की और विभागों को डेटा की सटीकता बढ़ाने, रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत करने तथा ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित, चल रही परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार सुव्यवस्थित और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के माध्यम से पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में पुराने कचरे (लीगेसी वेस्ट) के निस्तारण कार्य में भी तेजी आई है और अधिकतर चिन्हित स्थलों पर कार्य पूरा हो चुका है। शेष कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए निर्धारित समय-सीमा तय की गई है, जो दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। राज्य ने लगभग 98 प्रतिशत वार्डों में घर-घर कचरा संग्रहण सुनिश्चित कर लिया है, जबकि स्रोत स्तर पर कचरे को अलग-अलग करने के कार्य में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रदेश में अब अपशिष्ट प्रसंस्करण क्षमता में शेष अंतर को दूर करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है और वर्ष 2026 के अंत तक पूर्ण कवरेज हासिल करने का लक्ष्य है। बेहतर समन्वय और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्तों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसमें एकीकृत कार्रवाई के लिए विभिन्न विभागों को शामिल किया गया है। साथ ही, निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा ने बताया कि निरंतर प्रयासों, मजबूत संस्थागत व्यवस्था और तकनीक-आधारित निगरानी के माध्यम से, हरियाणा पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में तेजी से उभर रहा है। बैठक में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव श्री योगेश कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के संयुक्त निदेशक (प्रशासन) श्री कंवर सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 0 comments 0 FacebookTwitterPinterestEmail Bhumi previous post हरियाणा सरकार ने अकुशल से हाई-स्किल्ड श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 35% बढ़ोतरी, 1 अप्रैल 2026 से लागू next post थियोग बार एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से की भेंट You may also like ऐतिहासिक भव्यता का साक्षी बनेगा सिद्धपीठ श्री हनुमान... October 12, 2026 Horticulture Minister reviews progress of HPSHIVA Project October 12, 2026 बीटीसी भानू में तृतीय अखिल भारतीय पुलिस हैंडबॉल... October 12, 2026 Governor calls upon youth to contribute to nation-building October 12, 2026 Governor calls for stronger link between science, innovation... October 12, 2026 The State Cabinet, in its meeting chaired by... October 12, 2026 State government connects 26,168 students with employment opportunities... October 12, 2026 Significance of law lies in ensuring justice for... October 12, 2026 Governor addresses Maharaja Agrasen Jayanti Celebrations in Solan October 12, 2026 Governor urges youth to follow ideals of lord Shri Ram October 12, 2026 Leave a Comment Cancel Reply Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.