Home » भगवान महर्षि वाल्मीकि जी के अनुयायियों के चरण चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में पड़े हैं, यह परम सौभाग्य की बात है।

भगवान महर्षि वाल्मीकि जी के अनुयायियों के चरण चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में पड़े हैं, यह परम सौभाग्य की बात है।

by Gurdeep Singh

आज ‘महर्षि वाल्मीकि जयंती’ पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पधारे सभी परिवारजनों का मैं आभार प्रकट करता हूँ। उन्होंने रामायण के माध्यम से मानव समाज को मर्यादा, मानवता और जाति, वर्ण एवं वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठने का मंत्र दिया। रामायण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव समाज के संविधान की तरह है।

वाल्मीकि समाज ने हमेशा राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाई है। उनके योगदान का सम्मान करने के लिए अनुसूचित जातियों के आरक्षण का वर्गीकरण किया गया तथा कल्याण और अधिकारों के संरक्षण के लिए आयोगों का गठन किया गया।

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