Home » आईटीबीपी के पूर्व सैनिक फोर्स की अनदेखी से खफा

आईटीबीपी के पूर्व सैनिक फोर्स की अनदेखी से खफा

by Gurdeep Singh



चण्डीगढ़ : भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के पूर्व अधिकारी तथा जवान अपनी फ़ोर्स के लापरवाही भरे रवैये से बुरी तरह खफा हैं।
ट्रांसपोर्ट बटालियन में आयोजित आल इंडिया एक्स आईटीबीपी वेलफेयर एसोसिएशन की वार्षिक आमसभा में बोलते हुए संगठन के अध्यक्ष एमएस भुर्जी ने बताया कि पूर्व सैनिकों की समस्याओं को हल तो क्या करना बल के शीर्ष अधिकारी उन्हें भेजे गये पत्रों की प्राप्ति की सूचना तक देने की जहमत नहीं उठाते।
उन्होंने बताया कि बटालियन के वेलफेयर फंड में हर महीने कर्मचारी की कुछ राशि जमा होती है।पूरी नौकरी के दौरान हर सैनिक का उसमें लाखों रुपया जमा हो जाता है।हम मांग कर रहे हैं कि यह कर्मचारियों का ही पैसा है अतः रिटायर कर्मचारियों के  के लिए इसमें से कुछ राशि का एक कॉर्पस बनाकर  उसे उनके कल्याण पर खर्च किया जाए लेकिन इसपर अभी तक कोई गौर नहीं किया गया है।एसोसिएशन की अन्य मांगों पर भी बल के शीर्ष नेतृत्व का रवैया इसी तरह का है।
उन्होंने कहा कि बीएसएफ,सी आरपीएफ आदि केंद्रीय पुलिस बलों में पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए ज्यादा अच्छा काम हो रहा है।उन्होंने जोर देकर कहा कि जब जरूरत हो तो विभाग को पूर्व सैनिकों के पीछे खड़ा मिलना चाहिये।
एसोसिएशन की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 100 से अधिक पेंशन केस का निपटारा अभी तक करवाया जा चुका।पूर्व सैनिकों की विधवाओं तथा उनके विकलांग बच्चों के केसों का भी निपटारा करवाया गया है। 8 साल पहले अस्तित्व में आया यह संगठन भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के पूर्व सैनिकों का एकमात्र राष्ट्रीय संगठन है।संगठन ने पूर्व सैनिकों को इकट्ठा करने के लिए देशभर में अनेक स्थानों पर रैलियां की हैं।सभा को डीआईजी नरेंद्र सिंह तथा डीआईजी युद्धवीर सिंह ने भी संबोधित किया।
 महासचिव के एस बाजवा ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में विस्तार से एसोसिएशन द्वारा पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी।उपाध्यक्ष देवराज शर्मा ने पिछली वार्षिक आमसभा में उठाये गए मुद्दों के समाधान के लिए हुए प्रयासों की जानकारी सदस्यों को दी।कैशियर हरपाल सिंह ने आर्थिक लेखाजोखा सभा के सामने रखा।श्रीमती विनोद वाशिष्ठ ने दूर दराज से पहुंचे सदस्यों का स्वागत करते हुए उनका संगठन देश का सबसे बड़ा अर्ध सैनिक कल्याण संगठन है। आमसभा ने एसोसिएशन की कार्यकारिणी का समय 6 महीने के लिए बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की। बल के कंपोजिट अस्पताल की तरफ से पूर्व सैनिकों के लिए एक मेडिकल कैम्प का भी आयोजन किया गया। डॉ राजवीर सिंह ने बताया कि इस कैम्प में प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने के लिए विशेष परीक्षण किए गए।कार्यक्रम के दौरान 1965 बैच के असिस्टेंट कमांडेंट गुरचरण सिंह विर्क तथा ट्रांसपोर्ट बटालियन के सूबेदार मेजर श्याम सुंदर को खास तौर पर सम्मानित किया गया।

You may also like

Leave a Comment