Home » मनुष्य रूप में मर्यादित आचरण द्वारा जीवन जीने के कारण ही प्रभु राम मर्यादापुरुषोत्तम कहलाए : पंडित ईश्वर चंद्र शास्त्री जी

मनुष्य रूप में मर्यादित आचरण द्वारा जीवन जीने के कारण ही प्रभु राम मर्यादापुरुषोत्तम कहलाए : पंडित ईश्वर चंद्र शास्त्री जी

by Gurdeep Singh

पांच दिवसीय प्रभु राम कथा के अंतर्गत दूसरे दिन राम और राम नाम की महिमा को बड़ी सरलता से स्पष्ट किया।
प्रभु राम एक आदर्श हैं और उन्होंने मनुष्य रूप में मर्यादित आचरण द्वारा जीवन जिया। इसीलिए श्री राम जी को मर्यादापुरुषोत्तम कहा गया है।
जिसकी लौ श्री राम जी के चरणों में है उसका आचरण दूषित नहीं हो सकता। कथा के माध्यम से विभिन्न प्रसंगों को आचार्य श्री पंडित ईश्वर चंद्र शास्त्री जी ने श्रोताओं को सरल भाषा शैली में श्री रामचरित मानस के अनन्य महत्व को समझाया। कथा में श्री देवालय पूजक परिषद के अध्यक्ष पंडित डॉक्टर लाल बहादुर दुबे, महासचिव पंडित ओम प्रकाश शास्त्री, मुख्य कोषाध्यक्ष पंडित देवी प्रसाद पैन्यूली, पंडित राम बहादुर मिश्रा, पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र, राम धन अग्रवाल,  सरना जी, जितेंद्र शर्मा, नरेंद्र पांडे, एससी वोहरा, डॉक्टर राजेश शर्मा, रवि शंकर शर्मा उपस्थित रहे।
परशुराम भवन पंचकूला के अध्यक्ष एम पी शर्मा और पंचकूला के पूर्व जिला अध्यक्ष महावीर कौशिक विशेष रूप से उपस्थित हुए।

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