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महिला एवं बाल विकास विभाग ने दिए माँ और शिशु के उत्तम स्वास्थ्य के लिए विशेष दिशा

by Gurdeep Singh

हरियाणा सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नवजात शिशुओं और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य व पोषण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष ‘स्तनपान जागरूकता’ अभियान चलाया जा रहा है।

 इस संबंध में विभाग के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि माँ का दूध बच्चे के लिए पहला टीका, पहला आहार और पहला प्यार है, जो शिशु के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि स्तनपान केवल बच्चे के लिए ही नहीं, बल्कि माँ के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है। माँ को मिलने वाले लाभों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि स्तनपान कराने से गर्भाशय को जल्दी सामान्य होने में मदद मिलती है, स्तन एवं अंडाशय के कैंसर का खतरा कम होता है, वजन घटाने में सहायता मिलती है तथा यह माँ और बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करता है।

इसके अलावा यह आर्थिक रूप से भी मददगार है, क्योंकि माँ का दूध हमेशा स्वच्छ, सुरक्षित और सहज रूप से उपलब्ध रहता है। वहीं, बच्चे के लिए इसके फायदों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यह शिशु को बीमारियों से बचाने के लिए प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रदान करता है, मस्तिष्क के विकास में सहायक होता है और हर पोषक तत्व उचित मात्रा में प्रदान करता है। यह आसानी से पच जाता है, जिससे एलर्जी, दस्त और संक्रमण का खतरा कम हो जाता है, और यह हमेशा सुरक्षित व तैयार आहार के रूप में उपलब्ध रहता है।

   कब और कैसे स्तनपान कराया जाए, इस विषय पर प्रवक्ता ने विस्तृत गाइडलाइन साझा की। उन्होंने कहा कि जन्म के तुरंत बाद, यानी एक घंटे के भीतर शिशु को स्तनपान शुरू करवा देना चाहिए। इसके बाद शुरुआती 6 माह तक शिशु को केवल और केवल माँ का दूध ही पिलाना चाहिए। 6 माह पूरे होने के बाद उपयुक्त पूरक आहार की शुरुआत के साथ-साथ स्तनपान जारी रखना चाहिए और इसे बच्चे की 2 वर्ष या उससे अधिक उम्र तक जारी रखा जा सकता है।  

स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए आवश्यक सुझाव देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि माताओं को स्वयं स्वच्छ और पौष्टिक भोजन करना चाहिए तथा पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही माताओं के लिए पर्याप्त आराम करना, धूम्रपान, शराब या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों से दूर रहना तथा स्तनपान कराने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ करना बेहद जरूरी है। उन्होंने परिवार के सदस्यों से भी अपील की कि वे स्तनपान कराने वाली माताओं को पूरा सहयोग और प्रोत्साहन दें। 

प्रवक्ता ने ‘माँ का दूध अनमोल है – इसे अपनाएं, बच्चे का भविष्य सुरक्षित बनाएं’ का संदेश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए महिला हेल्पलाइन नंबर 181 या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा विभागीय वेबसाइट www.wcdhry.gov.in पर भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।  

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