Chandigarh सरगम सोसाइटी ऑफ इंडियन म्यूजिक एंड आर्ट ने चण्डीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से मिनी टैगोर थिएटर में महफिल-ए-म्यूजिक” संगीत कार्यक्रम का किया आयोजन by Gurdeep Singh October 19, 2026 written by Gurdeep Singh October 19, 2026 3FacebookTwitterPinterestEmail सरगम सोसाइटी ऑफ इंडियन म्यूजिक एंड आर्ट ने चण्डीगढ़ संगीत नाटक अकादमी (सीएसएनए) के सहयोग से मिनी टैगोर थिएटर में दो महान गायकों, लता मंगेशकर और जगजीत सिंह की स्मृति में एक संगीत कार्यक्रम ‘महफिल-ए-म्यूजिक” का आयोजन किया। पवित्र नवरात्रों के अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत माता रानी के दो भक्ति गीतों ‘मेरे कंठ बसो महारानी’ और ‘जगदीश्वरी सर्वेश्वरी” से हुई, जिन्हें सुप्रसिद्ध गायिका डॉ. कोमल चुघ ने बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया। इसके बाद, सुशील नागपाल ने जगजीत सिंह का एकल गीत ‘कौन आएगा यहाँ’ गाया। उन्होंने प्रियंका के साथ मिलकर दो युगल गीत ‘गम का खजाना तेरा भी है मेरा भी’ और “पहले तो अपने दिल की लगी जान जाइये गाकर उनके साथ पूरा न्याय किया। प्रियंका ने चित्रा सिंह का एकल गीत ‘कभी तो खुल के बरस’ भी बड़ी खूबसूरती से गाया। चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी, चंडीगढ़ (सीएसएनए) की अध्यक्ष प्रसिद्ध पंजाबी लोक गायिका डॉ. सुखमिंदर कौर बराड़ उर्फ़ सुखी बराड़ के नेतृत्व में युवा गायन प्रतिभाओं को तराशने का काम कर रही है। इसी क्रम में अकादमी द्वारा प्रशिक्षित गायिका सुखमनी ने ‘मंजिल ना दे चिराग ना दे हौसला तो दे’ गाकर अपनी प्रस्तुति दी। इसके बाद एक और प्रतिभाशाली गायिका जसरीत ने “वो कागज की कश्ती, वो बारिश का पानी” गाया। अकादमी की ही प्रशिक्षित गायिका ममता गैरी चावला ने ‘तुम को देखा तो ये ख्याल आया’ गाकर अपनी गायन कला का प्रदर्शन किया। बहुत ही कम समय में संगीत प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचने वाली किशोर गायिका नैन्सी ने लता मंगेशकर की प्रसिद्ध गज़ल “रस्म-ए-उल्फ़त को निभाएं तो निभाएं कैसे गाकर सभी को बेहद प्रभावित किया। इसके बाद, जाने-माने संगीतकार, गायक और रेडियो-टीवी कलाकार आर. डी. कैले और डॉ. कोमल चुघ ने अपने एकल और युगल गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आर.डी. कैले ने मिर्जा गालिब की गज़ल ‘न था कुछ तो खुदा था’ और ‘आते आते मेरा नाम सा रह गया’ से शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कोमल चुघ के साथ मिलकर ‘जब से हम तबाह हो गए’, “सोचा नहीं अच्छा बुरा” और ‘बल्ले बल्ले’ जैसे युगल गीत गाए। युगल गजल और पंजाबी गीत गाने में दोनों की जोड़ी बहुत शानदार लगी। दर्शकों की भारी फरमाइश पर कैले ने ‘चाक जिगर के सी लेते हैं”, “चुल्हे अग्ग ना घड़े दे विच पाणी” और “चिट्ठी ना कोई संदेश’ भी गाए। सरगम सोसाइटी के संरक्षक मोहिंदर पॉल गुप्ता ने बताया कि सोसाइटी आमतौर पर अवसरों को ध्यान में रखते हुए विषय-आधारित कार्यक्रमों का आयोजन करती है। इससे पहले सोसाइटी बैसाखी, तीन दिवसीय नवरात्र कार्यक्रम, मिर्जा गालिब पर कार्यक्रम, पूर्व प्रधानमंत्री व कवि अटल बिहारी वाजपेयी और पंजाबी कवि शिव कुमार बटालवी पर भी कार्यक्रमों का सफल आयोजन कर चुकी है। भविष्य में भी इसी तरह के कार्य किए जाएंगे। आयोजकों की इस पहल की सराहना करते हुए, मुख्य अतिथि सुरिंदर वर्मा, अध्यक्ष, सिटीजन अवेयरनेस ग्रुप, ने कहा कि संगीत एक ऐसा शाश्वत पुल है जो दिलों, भावनाओं और पीढ़ियों को आपस में जोड़ता है। लता मंगेशकर जी की मधुर धुनें और जगजीत सिंह जी की रूह को छू लेने वाली गज़लें भारत की संगीत विरासत का एक अमूल्य हिस्सा हैं। ऐसी संगीतमय शामें न केवल इन महान कलाकारों को श्रद्धांजलि देती हैं, बल्कि उनकी कभी न भूलने वाली विरासत को युवा पीढ़ियों के लिए भी जीवित रखती हैं। ‘महफिल-ए-म्यूजिक’ भारतीय संगीत की समृद्धि और इसे अमर बनाने वाली भावनाओं का उत्सव मनाने की एक बेहद खूबसूरत पहल है। डॉ. सुखमिंदर कौर बराड़ को भी यह कार्यक्रम बेहद पसंद आया और उन्होंने कहा कि सीएसएनए (सीएसएनए) युवा प्रतिभाओं को निखारने का प्रयास कर रहा है और शिक्षार्थियों की गायन कला को एक नया आकार दे रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सीएसएनए (सीएसएनए) द्वारा प्रशिक्षित छात्रों ने अब बड़े मंचों पर भाग लेना शुरू कर दिया है। कार्यक्रम में वेवल शर्मा (बांसुरी), गुरिंदर सिंह लवली (कीबोर्ड), सरबजीत सिंह (तबला), सुरिंदर सिंह (गिटार) और अरुण मनकोटिया (ऑक्टोपैड) ने बहुत ही मधुर और सुरीला संगीत देकर गायकों का साथ निभाया। भूपिंदर सिंह मलिक ने अपने बेहतरीन मंच संचालन (एंकरिंग) से गायकों और दर्शकों के बीच एक शानदार जुड़ाव बनाए रखा। 0 comments 0 FacebookTwitterPinterestEmail Gurdeep Singh previous post श्री श्री 1008 सोनाक्षी नंद गिरि महाराज के सानिध्य में माता रानी की चौकी का भव्य आयोजन next post उजागर सिंह की पुस्तक ‘पंजाब के अनमोल रत्न’ का हुआ लोकार्पण You may also like आ रहे हैं वो मेरे साईं… October 19, 2026 वार्ड नंबर 09, गाँव दरिया में इंद्रजीत सिंह... October 19, 2026 चण्डीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से संवाद... October 19, 2026 पीजीजीसी-46 में स्टार्टअप के कानूनी पहलुओं पर सत्र... October 19, 2026 डॉ. अंजना गर्ग को मिला प्रतिष्ठित ‘अग्ररत्न सम्मान’ October 19, 2026 ढोल की थाप, डांडिया की खनक और गुजरात... October 19, 2026 भाजपा, चण्डीगढ़ के लीगल सेल ने “सेवा संकल्प”... October 19, 2026 सीएससीए ने जरूरतमंद परिवार की बेटी के विवाह... October 19, 2026 मां भगवती के जागरण में अजय राणा के... October 19, 2026 सेक्टर-32 अस्पताल की स्लिप रोड पर आधे-अधूरे पैचवर्क... October 19, 2026 Leave a Comment Cancel Reply Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.