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एनआईए की स्वास्थ्य पहल :  माता मनसा देवी मंदिर में 10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर शुरू

by Gurdeep Singh

शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर माता मनसा देवी मंदिर परिसर में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला की ओर से 10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर शुरू किया गया। शिविर में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रितेश और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गरिमा गुप्ता ने श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य का परीक्षण किया और उन्हें बदलते मौसम में स्वास्थ्य बचाव के प्रति जागरूक किया।
आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वाधान में संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में एनआईए की ओर से चैत्र और शारदीय नवरात्र में निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया जाता है।
कैंप प्रभारी एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रितेश ने कहा कि आयुर्वेद में आहार, दिनचर्या और ऋतुचर्या का विशेष महत्व है, क्योंकि आयुर्वेद उपचार के साथ स्वस्थ जीवन शैली की पद्धति है। उन्होंने कहा कि मौसम परिवर्तन के दौरान शरीर की आवश्यकताओं के अनुसार खानपान और जीवनशैली में बदलाव करना चाहिए। नियमित दिनचर्या और संतुलित आहार स्वस्थ जीवन का मंत्र है, जिसे अपनाकर स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गरिमा गुप्ता ने कहा कि बदलते मौसम में शरीर की प्रकृति और जरूरतों के अनुरूप आहार-विहार अपनाना जरूरी है। शारदीय नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं को आयुर्वेद के इन सिद्धांतों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। संस्थान के डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व और डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग के निर्देशन में आयोजित 10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के साथ मौसम परिवर्तन में होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक किया जाएगा। फार्मासिस्ट अर्शदीप और एमटीएस अजय द्वारा चिकित्सकों के परामर्श के बाद श्रद्धालुओं को निशुल्क दवाइयां वितरित की गई।      

मौसम परिवर्तन में स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह
निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में श्रद्धालुओं को मौसम परिवर्तन के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक किया गया। डॉ. रितेश ने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और पाचन संबंधी परेशानियों का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में खानपान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। श्रद्धालुओं को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, संतुलित आहार लेने और पर्याप्त पानी पीने बारे अवगत कराया गया।

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