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क्राइस्ट चर्च सीएनआई,  सेक्टर-18 में तीन दिवसीय वार्षिक मसीही सम्मेलन

by Gurdeep Singh

श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे के संदेश के साथ संपन्नबिशप राइट रेवरेंड दरबारा सिंह ने दिया प्रेम, शांति, एकता और मानवता का संदेश; 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, मेधावी विद्यार्थियों और चर्च के समर्पित सदस्यों को किया सम्मानित

चण्डीगढ़ : क्राइस्ट चर्च सीएनआई, सेक्टर-18 में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक मसीही सम्मेलन आज श्रद्धा, उल्लास, आध्यात्मिक उत्साह और आपसी भाईचारे के वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। सम्मेलन के समापन अवसर पर डायोसिस ऑफ चंडीगढ़ के आदरणीय बिशप राइट रेवरेंड दरबारा सिंह विशेष रूप से उपस्थित हुए और उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रभु यीशु मसीह की शिक्षाओं पर आधारित प्रेम, शांति, क्षमा, सद्भावना और मानव सेवा का प्रेरणादायक संदेश दिया।

अपने संबोधन में बिशप राइट रेवरेंड दरबारा सिंह ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह की शिक्षाएं संपूर्ण मानवता को प्रेम, करुणा, त्याग और आपसी भाईचारे के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति आपसी एकता, सहिष्णुता और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना में निहित है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे जाति, धर्म और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर समाज में शांति, प्रेम और सौहार्द स्थापित करने में अपना योगदान दें।

सम्मेलन के समापन समारोह का विशेष आकर्षण चर्च के वरिष्ठ नागरिकों, मेधावी विद्यार्थियों और समर्पित सदस्यों का सम्मान रहा। बिशप राइट रेवरेंड दरबारा सिंह ने चर्च के 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग सदस्यों को सम्मानित करते हुए उनके जीवन के अनुभवों, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और चर्च के प्रति वर्षों से चली आ रही निष्ठा एवं सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनका आदर एवं सम्मान करना प्रत्येक पीढ़ी का नैतिक दायित्व है।

इसी अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उन मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी शैक्षणिक परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर अपने माता-पिता, चर्च और मसीही समाज का गौरव बढ़ाया। इसके अतिरिक्त चर्च की धार्मिक, सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों में उल्लेखनीय सेवाएं प्रदान करने वाले सदस्यों को भी सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

तीन दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ 30 अक्टूबर को पादरी राजन शारदा और पादरी कमल बिन शाह द्वारा विशेष प्रार्थना के साथ किया गया था। सम्मेलन के प्रथम दिन मुख्य वक्ता मिसेज रूबी लाल ने प्रभु यीशु मसीह के जीवन, उनके त्याग और मानवता के प्रति उनके असीम प्रेम पर प्रकाश डालते हुए सभी को शांति, सद्भावना और भाईचारे के साथ जीवन व्यतीत करने की प्रेरणा दी।

इस अवसर पर चर्च के सचिव  सैमुअल हार्डी ने सम्मेलन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन न केवल मसीही समाज की धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि समाज में एकता, पारस्परिक सहयोग और सेवा की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने बिशप राइट रेवरेंड दरबारा सिंह, पादरीगण, अतिथियों, श्रद्धालुओं और सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

सैमुअल हार्डी के मार्गदर्शन में पास्टर कमेटी के सदस्यों रॉबिन मसीह, अन्नू मसीह, रॉकी मसीह, विक्रम मसीह, श्रीमती अंजना रंधावा, श्रीमती वंदना, म काहिन दास, यूसुफ, यहून्ना मसीह, बहादुर सिंह और सैमसन स्टीफन ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं के स्वागत, अनुशासन तथा प्रीतिभोज के आयोजन में सराहनीय योगदान दिया।

समापन अवसर पर बिशप साहब द्वारा सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया गया तथा सामूहिक प्रीतिभोज (लंगर) की घोषणा की गई। इसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर प्रीतिभोज ग्रहण किया, जिससे आपसी प्रेम, समानता और भाईचारे की भावना का सुंदर संदेश प्रसारित हुआ।

तीन दिनों तक चले इस वार्षिक मसीही सम्मेलन का समापन प्रभु यीशु मसीह के प्रति आस्था, समाज में शांति एवं सद्भावना बनाए रखने तथा मानवता की निःस्वार्थ सेवा के संकल्प के साथ हुआ।

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