ChandigarhUTs त्रिवेणी संगीत सभा के द्वारा आयोजित संगीत कार्यक्रम में रागिनी शंकर के वायलिन वादन ने मोहा शास्त्रीय संगीत प्रेमियों का दिल by Gurdeep Singh October 26, 2026 written by Gurdeep Singh October 26, 2026 5FacebookTwitterPinterestEmail चण्डीगढ़ : त्रिवेणी संगीत सभा द्वारा आज शाम सेक्टर 16 ए स्थित ‘श्रृंगार’ में एक भव्य और स्मरणीय संगीत संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश की जानी-मानी और प्रतिभाशाली वायलिन वादिका रागिनी शंकर के शानदार हिंदुस्तानी शास्त्रीय वायलिन वादन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में तबले पर प्रख्यात वादक अभिषेक मिश्रा ने संगति की, जिनकी थाप और जुगलबंदी ने प्रस्तुति में चार चांद लगा दिए।वाराणसी में जन्मी और संगीत के प्रतिष्ठित घराने से ताल्लुक रखने वाली रागिनी शंकर, महान पद्मभूषण डॉ. एन. राजम की पोती और प्रख्यात वायलिन वादिका डॉ. संगीता शंकर की पुत्री हैं। आज के कार्यक्रम में उन्होंने अपनी दादी द्वारा विकसित की गई प्रसिद्ध ‘गायकी अंग’ शैली का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वायलिन के तारों पर जब उन्होंने गायन की बारीकियों और हरकतों को उतारा, तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मात्र 4 वर्ष की आयु से प्रशिक्षण शुरू करने वाली रागिनी की कलात्मक गहराई और उनकी मैकेनिकल इंजीनियरिंग व संगीत की शिक्षा से उपजी विश्लेषणात्मक सटीकता आज उनके वादन में साफ झलक रही थी।यूरोपलिया, सवाई गंधर्व, डोवर लेन और पेरिस के थिएटर डे ला विले जैसे वैश्विक मंचों पर भारत का नाम रोशन कर चुकीं रागिनी शंकर ने चंडीगढ़ की इस शाम को बेहद समृद्ध और ऐतिहासिक बना दिया। वायलिन की शास्त्रीय प्रस्तुति के साथ-साथ उनके विविध फ्यूजन प्रोजेक्ट्स जैसे ‘ताराना’, ‘द इंक बैंड’ और ‘इनस्ट्रिंग्स’ की झलक भी उनकी बहुमुखी प्रतिभा के रूप में महसूस की गई।कार्यक्रम के सफल समापन पर त्रिवेणी टीम की ओर से श्रीमती प्रिमिला पुरी ने मुख्य कलाकार रागिनी शंकर, तबला वादक श्री अभिषेक मिश्रा और शहर के प्रबुद्ध संगीत प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगीत सभा का यह सफर आगे भी चंडीगढ़ में इसी तरह शास्त्रीय संगीत की अविरल धारा बहाता रहेगा। इस अवसर पर शहर की कई जानी-मानी हस्तियां और संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। 0 comments 0 FacebookTwitterPinterestEmail Gurdeep Singh previous post थिएटर आर्ट्स, चण्डीगढ़ ने कठुआ में विश्व प्रसिद्ध श्री रामलीला का मंचन किया next post ज्ञान और सूचना के द्वंद्व से जूझ रहा है समाज : डॉ. सच्चिदानंद जोशी पंचनद शोध संस्थान के 33वें वार्षिक व्याख्यान में नागरिक दायित्वों और सामाजिक चुनौतियों पर हुआ गहन मंथन You may also like चंडीगढ़ की डॉ. रितु नांगिया ने छठे भारतीय... October 29, 2026 वाल्मीकि दयावान प्रभु जी मेरे अवगुण चित ना... October 29, 2026 भवन विद्यालय के वार्षिक मेगा फेट ‘एनचांटे ’26’... October 29, 2026 इनर व्हील क्लब चण्डीगढ़ सिटी ब्यूटीफुल ने हर्षोल्लास... October 29, 2026 सीटीयू यूनियन के चुनाव इस बार शेर और... October 29, 2026 व्यापारियों की पेंशन योजना और व्यापारी आयोग के... October 29, 2026 श्री विज्ञानदेव जी महाराज के जन्मोत्सव पर रक्तदान... October 29, 2026 आईटीबीपी के पूर्व सैनिक फोर्स की अनदेखी से... October 28, 2026 सरहदी ग्लोबल फाउंडेशन की ओर से आयोजित निशुल्क... October 28, 2026 महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन सत्य, तपस्या और... October 28, 2026 Leave a Comment Cancel Reply Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.