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शिव धाम आश्रम ने रेड क्रॉस ओल्ड एज होम के बुजुर्गों के साथ धूमधाम से मनाया ‘श्रद्धा पर्व महोत्सव’

by Gurdeep Singh

शिव धाम आश्रम (मोरनी रोड, पंचकूला) द्वारा पितृ पक्ष के पावन अवसर पर सेक्टर-15 स्थित पंजाबी भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भव्य ‘श्रद्धा पर्व महोत्सव’ धूमधाम से मनाया गया। परम पूज्य श्री सुधांशु जी महाराज के आशीर्वाद से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से रेड क्रॉस ओल्ड एज होम (सेक्टर-15, पंचकूला) की 6 माताओं को शॉल, फल व उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया और उनका आशीर्वाद लिया गया।
कथा व्यास और श्री सुधांशु जी महाराज के शिष्य आचार्य कुलदीप पांडे ने गोपी-उद्धव संवाद का अत्यंत मार्मिक प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि बिना भक्ति के ज्ञान अधूरा है। भगवान कृष्ण ने उद्धव जी का ज्ञान-अभिमान दूर करने और उन्हें भक्ति का महत्व समझाने के लिए ही वृंदावन भेजा था। सात महीने तक गोपियों के सानिध्य में रहने के बाद उद्धव जी को भक्ति की शक्ति का अहसास हुआ और उन्होंने गोपियों की चरण रज मस्तक पर धारण की। राधा-कृष्ण की व्याख्या करते हुए आचार्य जी ने कहा कि दोनों तत्त्वतः एक ही हैं— “राधा कृष्ण स्वरूपाम्नै कृष्ण राधा स्वरूपिणम्।”
इसके साथ ही परम पूज्य श्री सुधांशु जी महाराज के आशीर्वाद से
भव्य ‘श्रद्धा पर्व महोत्सव’ का आयोजन हुआ  इस अवसर पर कथा व्यास ने बताया कि माता-पिता एवं वृद्धजनों के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने तथा राष्ट्र-समाज के प्रति समर्पण की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज कथा में भव्य ‘श्रद्धा पर्व महोत्सव’ का आयोजन किया गया जिसमे वृद्धाश्रम (ओल्ड एज होम) रेड क्रॉस सेक्टर 15 पंचकूला की बजुर्ग माताओ को शोल् फल इत्याधि से मान समान कर के समानित किया
इस अवसर पर संस्था के संरक्षक योगराज मुंजाल, उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप, वित्त सचिव कृष्ण गोयल और कपिल शर्मा सहित अन्य मुख्य वक्ताओं ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़ना और बुजुर्गों के अमूल्य योगदान के प्रति आभार प्रकट करना है। माता-पिता और वृद्धजन हमारे समाज की मजबूत नींव हैं, उनकी सेवा और सम्मान ही सच्ची पूजा है। इस दौरान समाज कल्याण और देश की उन्नति में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प भी दोहराया गया।
कथा के विश्राम पर भगवान की दिव्य आरती की गई, जिसके बाद उपस्थित सभी श्रद्धालुओं में भंडारा प्रसाद वितरित किया गया। इस पावन अवसर पर भारी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे।

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