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हिमाचल महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष रमेश सहोड़ ने पृथी सिंह प्रजापति को दोबारा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी

by Gurdeep Singh

हिमाचल महासभा, चंडीगढ़ की जीबीएम की बैठक सेक्टर-23 डी स्थित मुनि मंदिर में आयोजित की गई। महासभा की यह बैठक प्रत्येक छह महीने में आयोजित की जाती है। बैठक में लगभग 210 सदस्यों ने भाग लिया तथा महासभा की पिछले पांच महीनों की गतिविधियों, कार्यक्रमों, वित्तीय विवरण और संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता  महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष रमेश सहोड़ ने की।  महासचिव (ऑपरेशंस) संजीव शर्मा ने पिछले पांच महीनों के दौरान महासभा द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी सदस्यों के साथ साझा की। वित्त सचिव दीपक शर्मा ने पिछले कार्यक्रमों के आयोजन पर हुए खर्चों का विवरण प्रस्तुत किया।

महासचिव (एडमिन) शिविंदर मंधोत्रा ने पिछले पांच महीनों के दौरान महासभा के कार्यों, गतिविधियों और संगठनात्मक विषयों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, मुख्य सलाहकार एम.एल. राणा ने महासभा के ऑडिट से संबंधित जानकारी और अपनी रिपोर्ट बैठक में उपस्थित सदस्यों के समक्ष रखी।

बैठक के दौरान कार्यकारी अध्यक्ष रमेश सहोड़ ने स्वास्थ्य लाभ लेकर वापिस आये अध्यक्ष पृथी सिंह प्रजापति को दोबारा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंप दी। उनकी वापसी को लेकर उपस्थित सदस्यों में उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर महासभा की ओर से आगामी 25 अक्टूबर 2026 को मेडिकल कैंप आयोजित करने की घोषणा भी की गई। महासभा द्वारा आयोजित किए जाने वाले इस स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध करवाने और समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। शिविर को लेकर सदस्यों के साथ चर्चा की गई।
इस अवसर पर मुनि मंदिर के वरिष्ठतम पुजारी पंडित दीप चंद शर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में महासभा के चेयरमैन भागीरथ शर्मा, सलाहकार संतोष भारद्वाज, सलाहकार के.सी. वर्मा, महिला विंग से सरगुन अरोड़ा एवं रेखा शर्मा सहित कार्यकारिणी के अनेक पदाधिकारी, सदस्य मौजूद रहे।

बैठक में सदस्यों ने महासभा के कार्यों, संगठन की गतिविधियों तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विचार-विमर्श किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य पिछले पांच महीनों के कार्यों की जानकारी सदस्यों तक पहुंचाना, वित्तीय विवरण एवं ऑडिट संबंधी जानकारी साझा करना तथा संगठन की आगामी गतिविधियों को लेकर विचार-विमर्श करना रहा।

हिमाचल महासभा, चंडीगढ़ हिमाचली संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक एकता और जनसेवा की भावना के साथ निरंतर कार्यरत है।

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