Haryana हरियाणा सरकार ने अकुशल से हाई-स्किल्ड श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 35% बढ़ोतरी, 1 अप्रैल 2026 से लागू by Bhumi April 9, 2026 written by Bhumi April 9, 2026 3 हरियाणा सरकार ने श्रमिकों को दिए जाने वाले न्यूनतम वेतन (मिनिमम वेजेज) की दरों में वृद्धि की अधिसूचना जारी कर दी है, यह वेतन वृद्धि 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगी। गुरुग्राम जिले के उपायुक्त श्री अजय कुमार ने यह जानकारी देते हुए जिले के सभी औद्योगिक संस्थानों एवं औद्योगिक संगठनों से आह्वान किया है कि वे सरकार द्वारा अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि के निर्णय को प्राथमिकता के साथ लागू करने में सहयोग करें। न्यूनतम वेतन दरों में लगभग 35 प्रतिशत तक हुई वृद्धि उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा संवेदी भाव से श्रमिकों के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय के तहत अब अकुशल (अनस्किल्ड) श्रमिक का वेतन 11274.60 रुपये से बढ़कर 15220 रुपये होगा, जिसके तहत लगभग 3945.40 रुपये की बढ़ोतरी होगी और यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत होगी। इसी प्रकार, अर्द्ध-कुशल (सेमी-स्किल्ड) श्रमिकों का वेतन 12430.18 रुपये से बढ़कर 16780.74 रुपये होगा, जिसके अंतर्गत इस श्रेणी के श्रमिकों का 4350.56 रुपये वेतन बढ़ेगा और यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत होगी। उन्होंने बताया कि कुशल (स्किल्ड) श्रमिकों का वेतन 13704.31 रुपये से बढ़कर 18500.81 रुपये होगा, जिसके तहत इस श्रेणी के श्रमिकों का वेतन 4796.50 रुपये बढ़ेगा और यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत होगी। इस तरह, उच्च कुशल (हाई-स्किल्ड) श्रमिकों का वेतन 14389.52 रुपये से बढ़कर 19425.85 रुपये होगा, जिसके तहत इस श्रेणी के श्रमिकों का 5036.33 रुपये वेतन बढ़ेगा और यह बढ़ोतरी भी लगभग 35 प्रतिशत होगी। उपायुक्त ने कहा कि औद्योगिक विकास किसी भी क्षेत्र की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार होता है, लेकिन इस विकास की वास्तविक शक्ति वहां कार्यरत श्रमिक होते हैं। ऐसे में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें उचित पारिश्रमिक उपलब्ध कराना सरकार एवं उद्योग जगत की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम मजदूरी में यह वृद्धि श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने, उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सामाजिक संतुलन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों एवं एसोसिएशनों से अपील की कि वे इस जनहितकारी पहल को सकारात्मक रूप से अपनाएं और अपने-अपने संस्थानों में इसे प्रभावी रूप से लागू करें। उन्होंने कहा कि इससे न केवल श्रमिकों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि उद्योगों की उत्पादकता और कार्यक्षमता में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी श्रमिक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए अपने-अपने औद्योगिक संस्थानों में कार्य पर वापस लौटें और उत्पादन गतिविधियों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं। उपायुक्त ने कहा कि श्रमिक और उद्योग, दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं, इसलिए आपसी समन्वय और सहयोग से ही विकास की गति को और तेज किया जा सकता है। श्री अजय कुमार ने बताया कि न्यूनतम मजदूरी वृद्धि को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करवाने के लिए श्रम विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रमिकों को इस निर्णय का पूर्ण लाभ मिल सके और जिले में श्रम कानूनों का पालन सख्ती से सुनिश्चित हो। 0 comments 0 FacebookTwitterPinterestEmail Bhumi previous post हरियाणा अग्निवीर नीति–2024 को मंजूरी, सैनिक व अर्धसैनिक कल्याण निगम खुलेगा next post हरियाणा में अपशिष्ट प्रबंधन को नई मजबूती, 53 यूएलबी में वैज्ञानिक प्रसंस्करण शुरू You may also like हरियाणा अग्निवीर नीति–2024 को मंजूरी, सैनिक व अर्धसैनिक... April 9, 2026 सरकारी सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी में हरियाणा देश... April 9, 2026 हरियाणा रेशनलाइजेशन कमीशन ने एचएसएससी पुनर्गठन पर 27वीं... April 9, 2026 मुख्यमंत्री ने समाधान शिविरों की औचक समीक्षा कर... April 9, 2026 10 से अधिक विभागों की खरीद प्रक्रियाएं अंतिम,... April 9, 2026 जल स्थायित्व की ओर हरियाणा की बड़ी पहल:... April 9, 2026 सहकारिता विभाग में कार्य निरंतरता के लिए लिंक... April 9, 2026 Leave a Comment Cancel Reply Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.