Chandigarh सेक्टर-11 के पीजीजीसी में ‘लिवर सेफ चंडीगढ़ इनिशिएटिव’ की शुरुआत के तहत सेमिनार आयोजित by Gurdeep Singh October 12, 2026 written by Gurdeep Singh October 12, 2026 3FacebookTwitterPinterestEmail फैटी लिवर एक तरह का ‘साइलेंट एपिडेमिक’ है। शुरुआती दौर में इसके स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते। ऐसे में नियमित जांच और लाइफस्टाइल में बदलाव बहुत जरूरी। युवाओं में फैटी लिवर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन समय रहते इसकी पहचान हो जाए तो मॉडर्न चिकित्सा से इसे रिवर्सिबल किया जा सकता है। यह अहम बातें साझा की गई सेक्टर-11 के पीजीजीसी में अायोजित सेमिनार में। लिवर की सेहत पर जागरूकता बढ़ाने के लिए चंडीगढ़ में ‘लिवर सेफ चंडीगढ़ इनिशिएटिव’ बनाया गया है। चंडीगढ़ इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन-स्टेट सपोर्ट मिशन, नीति आयोग और चंडीगढ़ प्रशासन की इस पहल के तहत वीरवार को विषय ‘हेल्दी लिवर, हेल्दी लाइफ: अंडरस्टैंडिंग एंड प्रिवेंटिंग स्टिएटोटिक लिवर डिजीज’ पर सेमिनार रखा गया। इसमें पीजीआई के हेपेटोलॉजी विभाग के एक्सपर्ट, प्रशासनिक अधिकारी और स्टूडेंट्स हिस्सा बने। मुख्य अतिथि अनुराधा चगती ने इस पहल की शुरुआत करते हुए कहा, इस समस्या से निपटने के लिए नीति-निर्माताओं, प्रशासन और चिकित्सकों को मिलकर काम करना होगा, तभी बीमारी के गंभीर रूप लेने से पहले ही जरूरी कदम उठाए जा सकें। इस पहल के जरिए शहर में लिवर स्वास्थ्य को सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियान का हिस्सा बनाने और युवाओं को बीमारी के जोखिमों के प्रति जागरूक करने की दिशा में काम किया जाएगा। प्रिंसिपल प्रो. रमा अरोड़ा ने पहल का स्वागत करते हुए कॉलेज की ओर से प्रशासनिक सहयोग और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। कहा, इस पहल का उद्देश्य चंडीगढ़ के कॉलेजों और समुदायों तक लिवर स्वास्थ्य से जुड़ी जागरूकता पहुंचाना और युवाओं में कम उम्र से ही स्वस्थ आदतें विकसित करना है। एक्सपर्ट में फैटी लिवर शुरुआती चरण में अक्सर स्पष्ट लक्षण नहीं देता। ऐसे में जागरूकता, समय पर मेडिकल एडवाइस और लाइफस्टाइल में सुधार अहम है। हर चौथा वयस्क प्रभावित होने का अनुमान…पीजीआई हेपेटोलॉजी विभाग के प्रोफेसर व हेड डॉ. अजय दुसेजा ने फैटी लिवर की बढ़ती समस्या पर जागरूक किया। कहा, ग्लोबर स्तर पर लगभग एक चौथाई वयस्क किसी न किसी प्रकार की इस बीमारी से प्रभावित माने जाते हैं। हालिया एक रिसर्च में यह आंकड़ा एक तिहाई के करीब बताया गया है। देश में भी इसका बड़ा बोझ है। वहीं पीजीआई के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. निपुण वर्मा ने फैटी लिवर की बीमारी कैसे विकसित होती है इसपर बात की। कहा, मॉडर्न जांच तकनीकों से शुरुआती चरण में इसकी पहचान अब संभव हो रही है। इससे बचने के लिए संतुलित आहार, नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटी और शुगर का कम सेवन करना शामिल है। वहीं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अर्का डे ने बचाव को लेकर शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूरी बनाने की जरूरत भी बताई। 0 comments 0 FacebookTwitterPinterestEmail Gurdeep Singh previous post हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़ स्थित आवास संत कबीर कुटीर पर लोगों की समस्याएं सुनते हुए। next post प्रभु श्री राम कथा में आचार्य पंडित ईश्वर चंद्र शास्त्री जी ने बहुत मार्मिक प्रसंग सुना कर श्रोताओं को भाव विह्वल कर दिया You may also like नवरात्रों का पर्व हमारी सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था... October 12, 2026 पीजीजीसी-42 में रसायन विज्ञान विभाग द्वारा विभिन्न रचनात्मक... October 12, 2026 रेलवे अंडरपास परियोजना आरयूबी-123-सी को लेकर बड़ी अपडेट,... October 12, 2026 ग्रेन मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासक... October 12, 2026 ईएसआई ने श्राद्ध पक्ष में स्मृति वन में... October 12, 2026 पंचकूला में पहली बार सजेगा ऐतिहासिक गरबा-डांडिया का... October 12, 2026 जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और गौ-विरोधी शक्तियां बढ़ी... October 12, 2026 राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष... October 12, 2026 प्रभु श्री राम कथा में आचार्य पंडित ईश्वर... October 12, 2026 हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और हरियाणा... October 12, 2026 Leave a Comment Cancel Reply Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.