Chandigarh पुटा की मतदाता सूची में रीजनल सेंटरों के शिक्षकों को शामिल नहीं किए जाने पर लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल by Gurdeep Singh October 12, 2026 written by Gurdeep Singh October 12, 2026 5FacebookTwitterPinterestEmail डॉ. कुलविंदर सिंह ने श्री मुक्तसर साहिब, लुधियाना और होशियारपुर के रीजनल सेंटरों के पात्र शिक्षकों को तत्काल मतदाता सूची में शामिल करने की मांग की चण्डीगढ़ : पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) के वर्ष 2026–27 के चुनावों के लिए जारी प्रारंभिक मतदाता सूची में पंजाब यूनिवर्सिटी के श्री मुक्तसर साहिब, लुधियाना और होशियारपुर स्थित रीजनल सेंटरों के शिक्षकों को शामिल नहीं किए जाने से लोकतांत्रिक भागीदारी, समानता और संवैधानिक अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल (यूबीएस) में सहायक प्रोफेसर और टीचर्स वॉयस यूनाइटेड फ्रंट (टीवीयूएफ) के सदस्य डॉ. कुलविंदर सिंह ने इस संबंध में पुटा के अध्यक्ष और सचिव के समक्ष औपचारिक आपत्ति दर्ज कराते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।पुटा के संविधान की धाराओं 2, 4 और 17(2) का हवाला देते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि संविधान में रीजनल सेंटरों के शिक्षकों को सदस्यता के दायरे में मान्यता दी गई है। इसके अतिरिक्त, एसोसिएशन की शाखाओं के सदस्यों को अन्य सदस्यों के समान अधिकार, दायित्व और विशेषाधिकार प्रदान किए गए हैं।डॉ. सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2024, 2025 और 2026 में आयोजित पुटा की जनरल बॉडी बैठकों तथा अन्य सार्वजनिक मंचों पर रीजनल सेंटरों के शिक्षकों को पुटा की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में शामिल करने का मुद्दा लगातार उठाते आ रहे हैं। इसके बावजूद पिछले तीन वर्षों से यह महत्वपूर्ण मामला अनसुलझा पड़ा है। उन्होंने मांग की कि रीजनल सेंटरों के सभी पात्र शिक्षकों को सदस्यता संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने का उचित अवसर दिया जाए और उन्हें अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाए। इसके साथ ही संविधान के अनुसार पुटा के चुनाव लड़ने की उनकी पात्रता तथा कार्यकारिणी में उचित प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों का भी समाधान किया जाए।डॉ. सिंह ने कहा कि श्री मुक्तसर साहिब, लुधियाना या होशियारपुर में सेवाएं देने वाले शिक्षक भी पंजाब यूनिवर्सिटी का उतना ही अभिन्न हिस्सा हैं, जितना चंडीगढ़ परिसर में काम करने वाले शिक्षक। किसी शिक्षक की तैनाती का स्थान उसके लोकतांत्रिक अधिकारों का आधार नहीं बनना चाहिए।उन्होंने पुटा नेतृत्व से अपील की कि यदि समान भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक संशोधन या संगठनात्मक पुनर्गठन की आवश्यकता है, तो जल्द से जल्द जनरल बॉडी की बैठक बुलाकर इस मुद्दे का लोकतांत्रिक तरीके से समाधान किया जाए।डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि पुटा को केवल चंडीगढ़ परिसर के शिक्षकों का ही नहीं, बल्कि पंजाब यूनिवर्सिटी के सभी परिसरों और रीजनल सेंटरों में सेवाएं दे रहे संपूर्ण शिक्षक समुदाय का प्रतिनिधित्व करना चाहिए। 0 comments 0 FacebookTwitterPinterestEmail Gurdeep Singh previous post नवरात्रि एवं अग्रसेन जयंती के अवसर पर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श शिविर का आयोजन next post हल्लोमाजरा में बड़ी लापरवाही: मिट्टी की जांच के बाद खुले छोड़े गहरे बोरिंग होल, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल You may also like नवरात्रों का पर्व हमारी सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था... October 12, 2026 पीजीजीसी-42 में रसायन विज्ञान विभाग द्वारा विभिन्न रचनात्मक... October 12, 2026 रेलवे अंडरपास परियोजना आरयूबी-123-सी को लेकर बड़ी अपडेट,... October 12, 2026 ग्रेन मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासक... October 12, 2026 ईएसआई ने श्राद्ध पक्ष में स्मृति वन में... October 12, 2026 पंचकूला में पहली बार सजेगा ऐतिहासिक गरबा-डांडिया का... October 12, 2026 जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और गौ-विरोधी शक्तियां बढ़ी... October 12, 2026 राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष... October 12, 2026 प्रभु श्री राम कथा में आचार्य पंडित ईश्वर... October 12, 2026 सेक्टर-11 के पीजीजीसी में ‘लिवर सेफ चंडीगढ़ इनिशिएटिव’... October 12, 2026 Leave a Comment Cancel Reply Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.