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स्वास्थ्य चेतना हेतु स्कूलों में बनें हर्बल प्लांट्स लगाएं

by Gurdeep Singh

स्कूलों में हर्बल वाटिका की स्थापना से दुर्लभ प्लांट्स की जानकारी बढ़ाने के साथ ही विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाया जा सकेगा, ये कहना है विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के पर्यावरण संयोजक एवं एनवायरमेंटलिस्ट ओम प्रकाश मनौली का।

उन्होंने कहा कि इससे बच्चों तथा पर्यावरण का स्वास्थ्य समृद्ध हो सकेगा।          
कुकमा, भुज में संपन्न तीन दिवसीय विद्या भारती अखिल भारतीय पर्यावरण कार्यशाला के निष्कर्षों की जानकारी देते हुए मनौली ने बताया कि छात्रों व समाज में पर्यावरण चेतना जगाने के लिये  संगठित प्रयासों, नियमित संवाद, अनुभव-साझाकरण एवं जमीनी स्तर पर सक्रिय सहभागिता की आवश्यकता है। इसमें उत्तर क्षेत्र के सभी स्कूलों में हर्बल वाटिका स्थापना के लिये जानकारी साझा करना भी जरूरी है। जिससे ग्रीन स्कूल प्रोजेक्ट के लक्ष्य हासिल किए जा सकेंगे।
मनौली ने बताया कि अखिल भारतीय पर्यावरण प्रभारी बालकृष्ण  के नेतृत्व में विभिन्न प्रांतों से 49 पर्यावरण विषय से जुड़े  पर्यावरणविदों ने हर्बल गार्डन, हर्बल प्लांट्स नर्सरी स्थापना एव हरबोरियम की स्थापना के लक्ष्यों पर मंथन किया। साथ ही प्रदूषण से बचने के लिये पत्तों द्वारा खाद बनाने पर बल दिया गया। इसके अलावा चंडीगढ़ की सहसंयोजिका अंजलि कपूर को पर्यावरण सचेतक ई-पत्रिका, रूपेंद्र पटियाल को टिशु कल्चर और आर.के. विश्नोई को जैविक खाद के प्रशिक्षण का दायित्व सौंपा गया।

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