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गौ-सेवक मोहन राणा की याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का अहम आदेश

by Gurdeep Singh

गौसेवा एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर मोहन राणा द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ में दायर सीआरएम-एम-55801-2026 याचिका पर माननीय न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है।
माननीय जस्टिस रमेश चंदर डिमरी की अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता यश गोयल उपस्थित रहे।
सुनवाई के दौरान यू.टी. चंडीगढ़ की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने अदालत में स्पष्ट रूप से कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत एनेक्शर पी-6 रिप्रेजेंटेशन का कानून के अनुसार आज से 30 दिनों के भीतर निपटारा किया जाएगा।
अदालत के आदेश में यह भी दर्ज है कि संबंधित प्रतिवादी पक्ष इस मामले में अलग से जवाब दाखिल नहीं करना चाहता, क्योंकि आज अदालत के समक्ष लिए गए सीमित रुख के अनुसार रिप्रेजेंटेशन पर निर्धारित समय में निर्णय लिया जाना है।
इसके बाद माननीय न्यायालय ने दर्ज किया कि “नथिंग सर्वाइवस इन द प्रेजेंट पिटिशन ”, अर्थात रिप्रेजेंटेशन पर 30 दिनों के भीतर कार्रवाई किए जाने के आश्वासन के बाद वर्तमान याचिका में आगे कुछ शेष नहीं रह गया।
मोहन राणा ने कहा कि
यह मामला किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि उन मुद्दों पर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए उठाया गया है जिनके संबंध में हमने प्रशासन के समक्ष रिप्रेजेंटेशन दी थी। अब संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे 30 दिनों के भीतर कानून के अनुसार उस रिप्रेजेंटेशन पर निर्णय लें। हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है।
मोहन राणा ने कहा कि आगे की कार्रवाई भी पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर की जाएगी और प्रशासन द्वारा लिए गए निर्णय के आधार पर अगला कदम तय किया जाएगा।

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