Chandigarh चण्डीगढ़ बिजनेस काउंसिल ने प्रशासक से व्यापारिक समस्याओं के समाधान की मांग की by Gurdeep Singh October 26, 2026 written by Gurdeep Singh October 26, 2026 2FacebookTwitterPinterestEmail भवन उपनियमों, वाणिज्यिक संपत्तियों, पार्किंग, औद्योगिक बुनियादी ढांचे और कारोबार को सुगम बनाने के लिए सुधारों तथा चण्डीगढ़ बिजनेस–एडमिनिस्ट्रेशन कोऑर्डिनेशन फोरम स्थापित करने का प्रस्ताव दिया प्रगतिशील और निवेश-अनुकूल चंडीगढ़ के लिए व्यापारिक समुदाय की चिंताओं और रचनात्मक सुझावों पर उचित विचार किया जाएगा : गुलाब चंद कटारिया चण्डीगढ़ : चण्डीगढ़ बिजनेस काउंसिल (सीबीसी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से भेंट करके चंडीगढ़ के व्यापारिक समुदाय से जुड़े प्रमुख मुद्दों, नीतिगत सुधारों और विकास संबंधी प्राथमिकताओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रगतिशील, निवेश-अनुकूल और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी चंडीगढ़ का निर्माण शीर्षक वाले इस ज्ञापन में प्रशासन और व्यापारिक हितधारकों के बीच समन्वयपूर्ण सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य चंडीगढ़ को उत्तर भारत में व्यापार, निवेश, उद्यमिता और रोजगार सृजन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। प्रतिनिधिमंडल ने एससीएफ, एससीओ, बूथों, वाणिज्यिक संपत्तियों और औद्योगिक इकाइयों से संबंधित भवन उपनियमों को आधुनिक बनाने की तत्काल आवश्यकता उठाई। काउंसिल ने लागू कानूनी प्रावधानों और नियोजन नियमों के दायरे में रहते हुए आवश्यकतानुसार नियमों में संशोधन, मेजेनाइन फ्लोर बनाने, पिछवाड़े के आंगन को कवर करने तथा मामूली अनियमितताओं के समाधान के लिए व्यावहारिक व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। इसके अतिरिक्त, वैध संपत्ति लेन-देन और पुनर्विकास को आसान बनाने के लिए आवासीय संपत्तियों के फ्लोर-वाइज और शेयर-वाइज पंजीकरण की व्यवस्था को दोबारा लागू करने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में अन्य प्रमुख मांगों के तहत मिसयूज चार्ज और जुर्माने को तर्कसंगत बनाने, वाणिज्यिक बाजारों में पार्किंग एवं यातायात प्रबंधन सुधारने और औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 तथा फेज-2 के बुनियादी ढांचे को उन्नत करने पर जोर दिया गया। साथ ही, व्यवहार्यता और पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों में पिछली तरफ उपलब्ध कम उपयोग वाली जगहों पर व्यवस्थित पार्किंग की संभावनाओं की जांच करने का प्रस्ताव रखा गया। काउंसिल ने सिंगल-विंडो मंजूरी प्रणाली, निर्धारित समय-सीमा में स्वीकृतियां, सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण, नगर निगम के शुल्कों में पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे में सुधार की आवश्यकता भी बताई। इसके अलावा, चंडीगढ़ को व्यावसायिक सम्मेलनों, प्रदर्शनियों, पर्यटन और निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया। व्यापारियों की समस्याओं के नियमित समाधान और प्रशासनिक निर्णयों की प्रगति की निगरानी के लिए काउंसिल ने चण्डीगढ़ बिजनेस–एडमिनिस्ट्रेशन कोऑर्डिनेशन फोरम स्थापित करने का प्रस्ताव भी दिया। इस मंच के माध्यम से प्रशासन और व्यापारिक संगठनों के बीच नियमित संवाद, शिकायत निवारण तथा कार्रवाई की समीक्षा की जा सकेगी। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ की प्रगति सुशासन, सुनियोजित विकास और आर्थिक समृद्धि के प्रति साझा प्रतिबद्धता से संचालित होनी चाहिए। व्यापारिक समुदाय की चिंताओं और रचनात्मक सुझावों पर उचित विचार किया जाना चाहिए। प्रगतिशील और निवेश-अनुकूल चंडीगढ़ के निर्माण के लिए सभी हितधारकों के साथ निरंतर संवाद महत्वपूर्ण है। सीबीसी के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि हमारा विजन चंडीगढ़ को अधिक प्रतिस्पर्धी, कारोबार-अनुकूल और निवेश के लिए आकर्षक बनाना है, साथ ही शहर के सुनियोजित स्वरूप को भी सुरक्षित रखना है। महासचिव संजय पाहवा ने कहा कि सरल प्रक्रियाएं, स्पष्ट एवं पूर्वानुमान योग्य नियम और निर्धारित समय-सीमा में मंजूरियां व्यापारियों तथा उद्यमियों में आवश्यक विश्वास पैदा करेंगी। मुख्य संरक्षक नीरज बजाज ने कहा कि रोजगार की रक्षा और चंडीगढ़ के आर्थिक भविष्य को मजबूत बनाने के लिए मौजूदा कारोबार को शहर में बनाए रखना और नए निवेश को आकर्षित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्य सलाहकार सत पाल गर्ग ने कहा कि प्रशासन और व्यापारिक संगठनों के बीच नियमित परामर्श से वास्तविक समस्याओं को व्यावहारिक, कानूनी और टिकाऊ समाधानों में बदला जा सकता है। इस प्रतिनिधिमंडल में चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष अजय गुप्ता, महासचिव संजय पाहवा, मुख्य संरक्षक नीरज बजाज और मुख्य सलाहकार सत पाल गर्ग शामिल थे। चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल ने प्रशासन के साथ रचनात्मक सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। काउंसिल ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रगतिशील नीतियों, आधुनिक बुनियादी ढांचे और व्यापारिक हितधारकों की भागीदारी पर आधारित संस्थागत संवाद के माध्यम से चंडीगढ़ ऐसा आदर्श शहर बन सकता है, जहां आर्थिक विकास, सुनियोजित शहरी व्यवस्था और बेहतर जीवन स्तर के बीच संतुलन कायम रहे। 0 comments 0 FacebookTwitterPinterestEmail Gurdeep Singh previous post हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़ में संत कबीर कुटीर पर लोगों की समस्याएं सुनते हुए। next post ड्रग्स, कानून-व्यवस्था, गैंगस्टर, खनन माफिया, बढ़ता कर्ज और कर्मचारियों-पेंशनरों के DA पर पिछले 56 महीनों का हिसाब दे मान सरकार; You may also like मानसकोकिला स्वामी डॉ. मनीषा जी महाराज के पावन... 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